संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार भारत की जनसंख्या आने वाले दशकों में तेज़ी से बढ़ती रहेगी और 2085 तक यह चीन और पाकिस्तान दोनों की आबादी को मिलाकर भी दोगुनी हो जाएगी।
क्या कहती है रिपोर्ट?
वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2024 के मुताबिक भारत की जनसंख्या 2085 तक करीब 161 करोड़ हो सकती है। इसके मुकाबले चीन की आबादी उसी समय घटकर लगभग 80 करोड़ और पाकिस्तान की जनसंख्या 50 करोड़ के आसपास रहेगी। यानी भारत अकेले इन दोनों देशों की कुल आबादी से दोगुना हो जाएगा।
भारत पहले ही चीन को पीछे छोड़ चुका है
संयुक्त राष्ट्र का डेटा बताता है कि भारत की मौजूदा आबादी करीब 145 करोड़ है, जबकि चीन की आबादी घटकर 142 करोड़ के आसपास पहुंच गई है। अगले कुछ दशकों में भारत की जनसंख्या लगातार बढ़ेगी और 2060 के दशक तक यह सबसे ऊंचे स्तर यानी 170 करोड़ तक जा सकती है, उसके बाद धीरे-धीरे इसमें गिरावट आने की संभावना है।
2100 तक दुनिया के टॉप 5 देश
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक 2100 तक दुनिया के पांच सबसे बड़े आबादी वाले देश होंगे:
- भारत — 150 करोड़
- पाकिस्तान — 51 करोड़
- नाइजीरिया — 47 करोड़
- डीआर कांगो — 43 करोड़
- चीन — 63 करोड़
क्या होंगे असर?
भारत में तेजी से बढ़ती जनसंख्या दो तरह के असर डालेगी:
- अवसर: युवा आबादी का फायदा मिल सकता है क्योंकि भारत की लगभग 68% जनसंख्या युवा है। इससे आर्थिक विकास, नई नौकरियों और इनोवेशन में मदद मिल सकती है।
- चुनौतियाँ: इतनी बड़ी आबादी को नौकरियां, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।