2014 से 2025 तक भारत ने आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे, गरीबी उन्मूलन, और सामाजिक कल्याण में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, असमानता, बेरोजगारी, और बाल कुपोषण जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। सरकार की नीतियां, जैसे जीएसटी, पीएलआई योजना, और सागरमाला, ने विकास को गति दी है,
1. आर्थिक विकास
- जीडीपी वृद्धि: 2014 में भारत की जीडीपी लगभग 2.04 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर थी, जो 2024 तक बढ़कर लगभग 3.5-3.8 ट्रिलियन डॉलर हो गई। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया और मॉर्गन स्टैनली के अनुसार, 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।
- आर्थिक सुधार: जीएसटी (2016), दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC), और रियल एस्टेट विनियमन कानून (RERA) जैसे संरचनात्मक सुधारों ने कर संग्रह को बढ़ाया और व्यापारिक माहौल को बेहतर किया।
- निर्यात: 2021-22 में वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 65,000 करोड़ डॉलर के पार पहुंचा, और 2022-23 में इसके 100,000 करोड़ डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई गई।
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI): 2013-14 में 28 अरब डॉलर की तुलना में 2016-17 में FDI 54 अरब डॉलर तक बढ़ गया।
- वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी: 2014 में भारत का वैश्विक जीडीपी में योगदान 2.6% था, जो 2023 तक बढ़कर 3.5% हो गया।
2. गरीबी उन्मूलन
- गरीबी दर में कमी: 2014 में गरीबी दर 27% थी, जो 2025 तक घटकर 5.3% हो गई। इस दौरान 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए।
- कल्याणकारी योजनाएं: 90 करोड़ से अधिक लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना) के दायरे में लाया गया।
3. बुनियादी ढांचा विकास
- सड़कें: 2014 के बाद 3.74 लाख किमी ग्रामीण सड़कें बनाई गईं, जिससे 99% से अधिक ग्रामीण बस्तियां जुड़ गईं।
- मेट्रो नेटवर्क: 2014 में 248 किमी से बढ़कर 2024 तक 945 किमी, जो 21 शहरों में 1 करोड़ दैनिक यात्रियों को सेवा देता है।
- रेलवे: पहली बुलेट ट्रेन परियोजना 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
- सागरमाला परियोजनाएं: 5.8 लाख करोड़ रुपये के निवेश से 839 बंदरगाह आधुनिकीकरण और तटीय संपर्क परियोजनाएं शुरू हुईं।
- स्वच्छ भारत मिशन: 2014 से 7.1 करोड़ घरों में शौचालयों का निर्माण हुआ, और ग्रामीण स्वच्छता कवरेज 39% से बढ़कर 83% हो गया।
4. ऊर्जा और पर्यावरण
- सौर ऊर्जा: विश्व बैंक के समर्थन से मध्य प्रदेश में 2017 और 2021 में बड़े सौर पार्क स्थापित किए गए, जिससे 2500 मेगावाट की क्षमता और 70 करोड़ डॉलर का निजी निवेश आकर्षित हुआ।
- नेट-जीरो लक्ष्य: भारत 2047 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य लेकर जलवायु-लचीली नीतियों पर काम कर रहा है।
5. स्वास्थ्य और शिक्षा
- स्वास्थ्य: 2025 तक औसत आयु को 67.5 से बढ़ाकर 70 वर्ष करने का लक्ष्य। जीडीपी का 2.5% स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने की योजना।
- प्रधानमंत्री जन औषधि योजना: किफायती दवाओं की उपलब्धता बढ़ी।
- शिक्षा: वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए तकनीकी शिक्षा में सुधार, और मेघालय में 5 लाख किशोरों के लिए स्कूल-से-काम परियोजना शुरू।
6. कृषि और उद्योग
- कृषि उत्पादन: 2013-14 में 2650 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन से 2016-17 में 2733 लाख टन तक वृद्धि, और कृषि विकास दर 4.01% से बढ़कर 4.83% हुई।
- औद्योगिक विकास: औद्योगिक विकास दर 2013-14 में 4.2% से बढ़कर 2016-17 में 4.5% हुई।
- सॉफ्टवेयर और विमानन: सॉफ्टवेयर उद्योग में तेजी से वृद्धि, और विमानन क्षेत्र में किराए में कमी के साथ यात्रियों की संख्या बढ़ी।
7. महिलाओं और कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: लैंगिक समानता और महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा।
- हेल्पलाइन और पुनर्वास: हिंसा प्रभावित महिलाओं और बच्चों के लिए सहायता।
- श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी: हालांकि सुधार हुआ, लेकिन महिलाओं की भागीदारी अभी भी कम है।
8. चुनौतियां
- असमानता: गिनी सूचकांक 35 के स्तर पर स्थिर, दर्शाता है कि उपभोग में असमानता बनी हुई है।
- बेरोजगारी: 2017-18 में बेरोजगारी दर 6.1% थी, जो CMIE के अनुसार बाद में बढ़ी।
- बाल कुपोषण: 35.5% बच्चे अविकसित, और 67% बच्चों में एनीमिया की समस्या।
- भ्रष्टाचार: 2024 में ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग 93 से गिरकर 96 हो गई।