जब कभी ऐसा पता चलता है कि किसी इंसान ने कोई गलत काम किया है तो सभी उसे गलत समझते हैं और कहते हैं। लेकिन देश की राजनीती में एक नया ट्रेंड आया है। यह ट्रेंड है गलत करो और समर्थन पाओ। कल पैग़ंबर मुहम्मद के बारे अपशब्द बोलने वाली महिला शर्मिष्ठा को अरेस्ट किया तो उसके समर्थन में ट्विटर (अब X ) पर वायरल किया जा रहा है। इस हैशटैग के ज़रिये इस आरोपी महिला को आज़ाद करने की मांग की जा रही है।
लेकिन एक सवाल यह उठता है कि आखिर किसी भी धर्म के आराध्य या भगवान के खिलाफ अपशब्द बोले जाने चाहिए ?भारत का संविधान सभी फ्रीडम ऑफ़ स्पीच की इजाज़त देता है लेकिन उसकी हद भी तय करता है। लेकिन समाज के तौर पर यह ज़िम्मेदारी भी तय होनी चाहिए कि किसी के भी खिलाफ ज़हर नहीं उगला जाए।