Imran Masood को लेकर तीन खबरें चर्चा में हैं।
पहली, वो बिना नाम लिए खुलेआम अखिलेश यादव के खिलाफ बोल रहे हैं। “PDA में मुसलमान क्यों नहीं हैं”
दूसरी, देश और उत्तर प्रदेश का मुसलमान सिर्फ राहुल गांधी को अपने नेता की तरह देख रहा है।
तीसरी, इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
अगर इमरान मसूद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनने वाले हैं तो, यह कांग्रेस की शानदार दबाव की राजनीति है। अखिलेश यादव से ज्यादा से ज्यादा सीटें गठबंधन में अपने नाम कराने के लिए।
इसलिए कांग्रेस ने “मुस्लिम” नेता को आगे किया गया है, ताकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को 2024 में मिला ऑक्सीजन लगभग खत्म हुई कांग्रेस को फिर से खड़ा कर दे।
लेकिन देश की तीसरे सबसे बड़ी सांसद सदस्य वाली पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस दबाव को मानेंगे? क्या वो अपने “कोर” वोट मुसलमान को इधर से उधर जाने देंगें?
फिलहाल, लगभग 20 फीसदी मुसलमान के साथ प्लस की राजनीति उत्तर प्रदेश में तैयार हो रही है। देखना ये है कि वो कहां जाती है।