नई दिल्ली, 10 जुलाई 2025:
गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर इलाकों में अचानक भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह भूकंप हरियाणा के झज्जर जिले में सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई।
भूकंप की गहराई जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे थी और इसका केंद्र 28.63 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.68 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित रहा। झटके दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद सहित आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए।
भूकंप के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग घरों, दफ्तरों और अपार्टमेंट्स से बाहर निकलकर खुले इलाकों में आ गए। कुछ लोगों ने झटकों को 10 से 15 सेकंड तक लगातार महसूस किया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं, कई लोगों ने इसे हाल के वर्षों का सबसे तीव्र अनुभव बताया।

फिलहाल कहीं से भी किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई है। दिल्ली पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं, NDRF की टीमें भी सतर्कता में हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर भूकंप के लिहाज़ से बेहद संवेदनशील ज़ोन IV में आता है। यहां पहले भी इस तरह के मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहे हैं। भूगर्भ वैज्ञानिकों का कहना है कि इस क्षेत्र में कई एक्टिव फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं जैसे कि दिल्ली-हरिद्वार रिज और सोहना फॉल्ट, जो भूकंपीय गतिविधियों को जन्म देती हैं।
आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और जरूरत पड़ने पर सतर्कता बरतें। भूकंप के समय की गई कुछ सावधानियों को दोहराया गया है — जैसे घर में भारी सामानों से दूर रहना, शीशों के पास न खड़े होना और अगर बहुमंजिला इमारत में हैं तो लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को पहले से तैयार रहना चाहिए और आपदा प्रबंधन के मूल नियमों को समझना जरूरी है। राहत की बात यह है कि इस बार किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।